शहर के कोने-कोने, और यहाँ पर नज़र रखने वाले तीस से ज़्यादा शहरों के सब लोग, इस अति-दूरगामी निवेश मॉडल की आवाज़ से खिंचे चले आए।
«ली मी?»
«वह कौन है?»
कुछ शहरों के लोगों ने अजीब-सा पाया, कि उन्होंने न तो ट्रांसफ़र के ज़रिए, न ही «दानव-वीर भवन सुपर निवेश» स्वीकार करके, यह निवेश-घोषणा की आवाज़ सुनी।
यह निवेश-घोषणा तो शहरों की सीमा पार कर गई?
ल्यू बू को धुँधला-सा कुछ गड़बड़ लगा।
«फ़ांग त्यान! सबसे बड़ी ताक़त मत जमा करो, सीधे हमला करो!»
चबूतरे पर यांग ज़िज़ांग ने फ़ौरन सिर पीछे खींच लिया।
«छोटे मा चाओ, मत रुको, जल्दी भागो!»
{रु, रुको।}
यांग ज़िज़ांग को लगा उसने ग़लत सुना; छोटे मा चाओ ने बहुत कम ही उसकी बात न मानी हो। उसका दिल ज़रा कसक गया — कहीं यह इन्क्यूबस ट्रेन इसी वक़्त धोखा न दे दे।
ट्रेन ने ज़रा-सा अपना शरीर घुमाकर, दूर बड़े रेडियो टेलिस्कोप-जैसी चीज़ की ओर देखा।
{जैसे…}
छोटा मा चाओ धीमे से बुदबुदाया; आवाज़ में ज़रा उदासी थी।
«जैसे क्या?»
यांग ज़िज़ांग ने तनाव से उसकी हालत पर नज़र रखी।
ट्रेन एकटक दूर पहाड़ी की चोटी पर खुली चीज़ और उसके ऊपर के आसमान को देख रही थी।
{कितनी जलन हो रही है।}
«जलन?» यांग ज़िज़ांग ने कुछ भौंचक्का होकर ट्रेन की आवाज़ सुनी।
और ल्यू बू कब से चबूतरे पर चिल्ला रहा था, बार-बार फ़ांग त्यान को पुकार रहा था, लेकिन आसमान का वह घूमता लाल बादलों का भँवर उसकी बात पर रत्ती भर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था।
«क्या, ली मी के पास फ़ांग त्यान से निपटने का कोई तरीक़ा है!»
दूर पहाड़ी की चोटी पर, वह बेकार पड़ा, दसियों-सैकड़ों साल पुराना-सा परवलयिक एंटीना, पहले ही टूट-फूट चुका था, फिर भी जैसे-तैसे खुलकर फैल सका — यह तो चमत्कार ही था।
{फ़ांग त्यान साहब, कृपया मेरी ओर देखिए।}
ली मी की आवाज़ लगातार आती रही।
{आपने देखा, फ़ांग त्यान!}
कुछ तेज़ नज़र वालों, या औज़ारों की मदद लेने वालों ने धुँधला-सा देखा, दूर पहाड़ी की चोटी पर, मानो कुछ चीज़ें ऊपर उड़ रही थीं।
«वह क्या करना चाहता है?» शहर वाले हैरान थे।
विशाल «रेडियो टेलिस्कोप» ने ज़बरदस्त तरंग-दैर्ध्य के साथ, एक कोमल वाक्य फैलाया —
{फ़ांग त्यान साहब, मुझे लगता है, अंतरिक्ष में आप अकेले, शायद बहुत अकेले होंगे…}
«?»
41 नंबर शहर के लोग, और 11 से 35 नंबर शहर, केंद्रीय क़स्बा, आवृत्ति हानि क्षेत्र तक के सब लोग, एक साथ ठिठक गए।
अंतरिक्ष, अकेलापन?
आसमान का लाल बादल धम्म से हिला; घूमता हुआ वह ज़ोर-ज़ोर से काँपने लगा।
मानो मन की बात पकड़ ली गई हो; लाल बादलों में संतरी रोशनी की चमकीली बिजलियाँ भी कई गुना मोटी हो गईं!
«हैं? नहीं!»
अनगिनत लोगों को कुछ-कुछ समझ आने लगा।
आसमान में, पतले बादलों के पीछे का भँवर-लाल रोशनी तेज़ी से बहकर, उस «रेडियो टेलिस्कोप»-नुमाँ पहाड़ी की चोटी पर जा पहुँची, और धीरे-धीरे धुँधली शाम के घेर में आती नीची पहाड़ी के इलाक़े को लाल रोशनी से जगमगा दिया — ख़ुशी से भरपूर।
फ़ांग त्यान की ओर से कुछ भटकाव, और कुछ मासूमियत, अविश्वास भरी आवाज़ आई।
{आप… यह आप…}
{ये मेरी सबसे प्यारी बच्चियाँ हैं; अगर आप चाहें, तो ये आपका साथ दे सकती हैं, अकेली विराट रातों में।}
यांग ज़िज़ांग का मुँह खुला का खुला रह गया; उसने कभी नहीं सोचा था कि उस दिखने में सीधे-सादे, सादगी में संयम, और संयम में सौम्यता लिए जवान आदमी के मुँह से, ऐसे शब्द निकलेंगे।
लाखों लोगों की हैरानी और सिहरन के बीच, अनगिनत नज़रों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देखा — लाल भँवर-बादलों से रोशन आसमान के नीचे, एक-एक करके शाम के अँधेरे में छिपे गर्म हवा के ग़ुब्बारे ऊपर उड़ रहे थे; फूलते-उठते, धीरे-धीरे आकाश की ओर बढ़ते।
मनमोहक चमकदार धारियाँ और सुंदर शल्क-रेखाएँ बिखेरते गर्म हवा के ग़ुब्बारे इन्क्यूबस, मानो खिलने को तैयार कलियाँ हों, लहराते-झूमते आसमान की ओर जा रहे थे।
{आप, आप उनके «पिता», ली मी पिता हैं? अरे नहीं, श्री, श्रीमान।}
{तुम मुझे ऐसे बुला सकते हो, आकाश-पर्यटक भतीजे; मैं ही हूँ उनका पिता ली मी!}
«नहीईं —!» ल्यू बू टूटकर चिल्लाया।
{मेरी बच्चियों को, बाहर खेलने जाते वक़्त सबसे ताक़तवर अस्तित्व का संरक्षण चाहिए। ताकि वे हर कुछ दिन में एक बार सुरक्षित लौट सकें; क्या तुम उनके रक्षक योद्धा बनना चाहोगे? फ़ांग त्यान!}
{मैं तैयार हूँ, ससुर जी।}
«आ-आ-आह!» ल्यू बू ग़ुस्से से पागल हुआ, सिर पकड़कर दहाड़ने लगा, दीवानों-सा।
गड़गड़ाहट!
बिजलियों के बादल उमड़-घुमड़ रहे थे!
«फ़ांग त्यान!» ल्यू बू ने ग़ुस्से से देखा उस बिजली-बादल को जिसने उसे पूरी तरह भुला दिया था।
उसका भँवर पहले ही बहुत छोटा हो चुका था।
ज़ोर-ज़ोर से काँपती लाल बिजलियाँ धीरे-धीरे कोमल भँवर में बदलने लगीं।
बिजली के बादल हवा को मथते हुए, मानो उन शालीन उलटी पानी की बूँद-सी घुमावदार रेखाओं वाले दस-बारह गर्म हवा के ग़ुब्बारे इन्क्यूबस को, अपनी तरफ़ खींच लेना चाहते थे।
{देखा… मैंने देख लिया… कितनी सुंदर गोलाई, कितनी सुंदर बड़ी आँखें…}
बादलों की बिजली भी काफ़ी कोमल हो गई।
धीमी बिजली चमकी; मानो झुरझुरी भरी परवाह और उछल-कूद हो, अकेलेपन-रहित सुहानी रात की प्रतीक्षा में।
{ओ… वह पलकें झपकाकर मुझे देख रही है~ आह या~ मैं किस लायक़… ससुर जी!}
अंतरिक्ष में फ़ांग त्यान, मानो जिन्न चढ़ा हो, बेहूदा उत्तेजित कराह रहा था।
यहाँ नज़र रखने वाले लाखों लोग, सुन्न पड़ गए।
«फ़ांग त्यान! आ आह!!» ल्यू बू बेचैन होकर पाँव पटक रहा था।
वीरों के समूह के लोग उसे घेरकर काँप रहे थे, पल भर को समझ नहीं पा रहे थे क्या करें; वे सब सन्न थे, लग रहा था यह सच नहीं है।
इस वक़्त ल्यू बू ने आख़िरकार वह चीज़ निकाली जो उसने कभी किसी को नहीं दिखाई थी — महीन शल्कों वाला एक मोबाइल फ़ोन।
मोबाइल की टूटी-फूटी छोटी स्क्रीन में फूल-सी खिलती धुँधली नींद-भरी आँख खुली।
{क्या फिर चैटिंग का रिचार्ज कराने का वक़्त आ गया? वह तुम्हारी आवाज़ नहीं सुन पा रहा?}
युवक ने पागलों-सी इन्क्यूबस मोबाइल की नंबर-कुंजियाँ दबाईं:
«जल्दी, जल्दी, फ़ांग त्यान को मैसेज भेजो, नहीं, सैटेलाइट फ़ोन लगाओ!»
इन्क्यूबस मोबाइल ने धीरे-धीरे शरीर में छिपा एंटीना बाहर निकाला; कुछ सेकंड बाद।
{ओ… नहीं लग रहा, वह मुझे जवाब नहीं देता।}
इन्क्यूबस मोबाइल ने आँख घुमाकर दूर बड़े ट्रांसमिशन टर्मिनल, और आसमान की ओर जाते गर्म हवा के ग़ुब्बारे इन्क्यूबस की छवि को देखा।
{उन्होंने फ़ांग त्यान साहब का दिमाग़ मोह लिया है।}
«आह!» होश खो चुके ल्यू बू ने ग़ुस्से से मोबाइल ज़मीन पर पटक दिया।
और मुख्यालय के लोग, तो एक-से-एक ज़्यादा भौंचक्के थे। उन्हें अब भी यक़ीन नहीं हो रहा था, यह अपनी ही तरफ़ के किसी का किया कारनामा है।
एक मुड़ी रेखा आई; यू निदेशक का मानसिक झटका-सा लगा।
[ली मी मुझमें सक्रिय निवेश करना चाहता है।]
[ली मी ने मुझमें 1R निवेश किया।]
[शाबाश, ली मी, अब से तुम…]
{मैं ली मी हूँ, अब वीरों के समूह पर हमले का सबसे अहम वक़्त है। तुरंत, अभी कार्रवाई करो!}
«मैं… अच्छा-अच्छा-अच्छा!»
यू निदेशक ने तुरंत उत्तेजना से काँपते हाथों से मुड़कर, जयकार की इच्छा रोकी; छाती का मॉडल उभरा, और सबकी ओर पीठ किए धागे शून्य में फैल गए।
[सू ए… तुम पर है!]
……
यांग ज़िज़ांग का जबड़ा लगभग उखड़ने को था।
उसने नहीं सोचा था, अभी-अभी जो मुख्यालय का संपर्ककर्ता लगातार अपने से संपर्क करना चाह रहा था, वह ऐसा काम कर डालेगा।
उसे कई महीने पहले ली मी की बताई «आसमानी लालटेन योजना» याद आई। इस वक़्त उसका सिर पूरी तरह बेबसी से भरा था; कैसी उपग्रह मारने की बकवास, वह तो उन्हें क़ुरियर भेज रहा था।
{आह।}
छोटे मा चाओ ने उदासी से आह भरी।
{हम चलें, जलन करने से कुछ नहीं होता।}
«जल… रुको।» यांग ज़िज़ांग ने अचानक ठिठककर पाँव तले ट्रेन को एकटक देखा।
बेवजह, एक बुरी-सी आशंका हुई।
पूछा तो नहीं…
लेकिन अंतर्ज्ञान की ठंडी सिहरन और गहरी होती जा रही थी।
{सफ़ेद छोटी छाया के साथ से भी, बहुत अच्छा है।}
«मैं……!»
अचानक सामने दीप्ति चमकी; एक स्त्री-आकृति अचानक ल्यू बू के पास प्रकट हुई।
उसके पास वालों के प्रतिक्रिया करते ही।
धम्म!
लाल रोशनी वाली गोली पास ही खड़े, पागलपन की हालत वाले ल्यू बू के दिमाग़ में जा घुसी।
इस एक गोली के बाद, स्त्री का सारा बदन लाल चमक में, पिस्तौल कसे हुए, पूरा शरीर हिल न पा रहा था; भावनाओं की पीड़ा में गले से दबी आवाज़ में दहाड़ी:
«ल्यू सरनेम वाले, पहले मेरे साथी मारने का बदला, आज ज़रूर लूँगी!»
सू ए की निगाहों में, ल्यू बू कोड-नेम वाले युवक के सिर की त्वचा फट गई, लेकिन त्वचा के नीचे की हड्डी से निकलती धुँधली लाल रोशनी रद्द होकर धूसर-सफ़ेद हुई, और फिर पल भर में लाल हो गई।
«बाद में ले लेना।»
ल्यू बू ने ज़रा शांत होकर सिर उठाया, और बुरी नज़रों से इस उस स्त्री को देखा जिसे पिछली बार कोयला बना दिया था।
«मैंने सुपर निवेश कर लिया है, दस हज़ार साल पार का निवेश है। मैं जल्द ही नियति की राह के ऊपर जाने वाला हूँ, इसी प्रतियोगिता के ख़त्म होने के बाद।»
«ल्यू बू!» इर्द-गिर्द वीरों के समूह के लोगों ने अविश्वास से उसकी ओर देखा।
धम्म! ल्यू बू के शरीर पर ऊर्जा से बनी फ़र्शी टाइल-सी छवि उभरी, जिसने उसे ढाँप लिया और सफ़ेद छाया मानसिक ड्रैगन का हमला रोक दिया।
«यांग ज़िज़ांग,» इस युवक ने सिर घुमाया, निगाहों में कुछ उदासी थी, «हँह, तूने सोचा मैं तेरे मानसिक…»
पच्च! ल्यू बू का सिर ज़रा झुक गया।
धूसर लहरों वाली एक «Chronos शून्य छोटी तलवार» ने उसका दिल छेद दिया था।
उसने जड़ होकर सिर घुमाया; पास एक आदमी चुपचाप काला चश्मा लगाए अपनी ओर देख रहा था।
«तू…»
इर्द-गिर्द ल्यू बू को घेरे लोग पल भर में अफ़रा-तफ़री में पड़ गए; कोई झपटना चाहता था, कोई भागना।
यह आदमी बोला: «प्रतिरोधक पकड़ने की रात, उस इमारत पर मा चाओ का इंतज़ार करते सुन शिन को, मैंने ही Chronos लौटाकर भेजा था।»
ल्यू बू की निगाहें काँपीं, «तू… शामिल हो गया…»
«शामिल होने का सवाल नहीं।»
यह काला चश्मा पहने आदमी, धीरे-धीरे घूमती आधी «ताईजी मछली»-सी ऊर्जा की गाँठ से ढँका था; मानो मुड़ी हुई पानी की बूँद हो।
«भले ही ज़रा दिखावटी लगे। लेकिन मॉडल का रंग पक्ष की जड़ नहीं है; अच्छाई-बुराई ही जड़ है। ल्यू शिनजून, तुम बहुत देर से भटके हुए हो।»
ल्यू बू की आँखों की रोशनी धीरे-धीरे बुझ गई, धुँधली हो गई।
इर्द-गिर्द सैकड़ों वीरों के समूह से धमकाए लोग, इस वक़्त दहाड़ते हुए झपट पड़े।
शाओ मिन ने छोटी तलवार निकालकर कहा: «भाइयो, जल्दबाज़ी मत करो!»
टोंग वेंची दूसरी ओर के प्रवेश-द्वार से लोगों को लेकर दौड़ता आया; मुख्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले इन लोगों ने मेहनत से भीड़ को शांत किया, और बेनतीजा Chronos खपत की लड़ाई को धीरे-धीरे स्थिर किया।
«यांग ज़िज़ांग, मैं जानता हूँ तुम बहुत बेचैन हो; जल्दी आओ, मैं तुम्हारे साथ नीचे चलता हूँ।»
बोबोली से ज़रा एक-दो साल बड़े इस किशोर ने अफ़रा-तफ़री भरी भीड़ को चीरकर कहा।
सू ए का हाथ हिलने लगा, «और मैं भी।»
जीत की योग्यता खो चुके शाओ मिन ने काला चश्मा उतार दिया।
«अगर तुम्हें एतराज़ न हो, तो मैं भी लाल रंग का संपर्ककर्ता बनकर चल सकता हूँ। बस, मेरी इस हालत में क्षमता इस्तेमाल नहीं कर सकता।»
दोनों पुतलियों में, कार्टून खिलौने के टुकड़ों-जैसे कोहरे के जमे दो गोल घेरे धीरे-धीरे घूम रहे थे।
«तुम हो… ठीक है, हम चलते हैं।»
यांग ज़िज़ांग ने सिर हिलाया; ट्रेन उसे लेकर तालाब के पास पहुँची; पाँच भिन्न रंगों के काँटा-पंजों ने और तेज़ रोशनी बिखेरी।
……
मू श्याओयू और बाक़ी लोग, ली मी के इंतज़ाम से मानसिक कड़ी के रिले के ज़रिए, दानव-वीर भवन के दृश्य देख रहे थे।
उसने और झांग यांग, लियू मिंग, और कुछ अब तक अपना मॉडल न पाए आम लोगों ने, बुद्धू बने यह दृश्य देखा। इस वक़्त मू श्याओयू को पता चला, अपने बनाए गर्म हवा के ग़ुब्बारे को, ली मी ने इन्क्यूबस राक्षस बनाकर आसमान के उपग्रह को लुभाने के काम में लगा दिया था।
इस बंद थिएटर-जैसी पराए-आयामी जगह में, मॉडल न पाए दस-बारह आम लोगों ने टीवी प्रसारण का दृश्य देखा, और उत्तेजित होकर गले मिले।
पूरे 41 नंबर शहर के लोगों के सिर पर दबी धमकी की काली घटा, पल भर में उस अनजान-से आदमी ने पलट दी।
«मुझे लग रहा है, मैं गुमनाम नायक बन गई।» मू श्याओयू ने आँखों के कोनों के आँसू पोंछते हुए भर्राई आवाज़ में कहा।
लियू मिंग ने दर्द-भरी नज़रों से उसे देखा, और हल्की आह भरी।
अभी लोग संभले भी न थे कि परदे पर अचानक ल्यू बू पर घात लगाकर हमला होने का दृश्य आ गया।
मू श्याओयू ने यांग ज़िज़ांग को देखा। परदे पर छोटे-से आधे साल में न दिखे युवक को देखा; उसकी त्वचा और चमकीली थी, और ज़्यादा हैंडसम था, लेकिन इस वक़्त उसके शरीर से मानो गहरी थकान झलक रही थी, जिसे देख न जाने कैसी भावना रखने वाली युवती का दिल ज़रा दुख गया।
«हम बहुत पीछे छूट गए हैं।» झांग यांग बुदबुदाया।
«उम्मीद है ज़िज़ांग को पता चले, मैंने… मैंने भी योगदान दिया है।» मू श्याओयू ने सिर झुकाकर कहा।
लेकिन वह नहीं जानती थी, यहाँ सब लोगों के अवचेतन एहसास में, वे तीनों यहाँ के सबसे सहज थे, जिनके पास रहना सबसे आरामदेह था।