अध्याय 114 : मृत्यु प्रस्तावना

झाओ युन और मुड़ी-रेखाओं वाला कंकाल कई दाँव-पेंच लड़ चुके थे, कोई ऊपर नहीं हुआ।

«सचमुच कुत्ते का मुँह कछुए के खोल से टकराया।»

दोनों के आते-जाते युद्ध को देख, यांग ज़िज़ांग धीरे-धीरे झाओ युन की युद्ध-कला का क़ायल होता गया; यह बंदा ज़रूर पेशेवर योद्धा था, एक भाला मानो तैरता ड्रैगन-सा था, तकनीक अपने से कहीं बेहतर।

उपग्रह का हमला बेशक ज़बरदस्त था, लेकिन कंकाल हर बार ठीक वक़्त पर लक्ष्य पर ओवरलैप होकर, उसे बेकार कर देता। रोशनी इस चाँद-दूत के शरीर पर पड़ती, तो बस उसे और ख़ूबसूरती से चमका देती; मानो सिर से पाँव तक इंसान को ढाँपता रोशनी का कंकाल-कवच हो, इसके सिवा और कोई काम नहीं।

झाओ युन ने बेहतरीन भाला-कला से सारे हमले रोक दिए, ल्यू बू की रक्षा एक बूँद-भर भी कमज़ोर न पड़ने दी।

अचानक, प्रकाश-कंकाल की आकृति धमाकेदार चमक के साथ चेंग युनज़े के शरीर पर आकर एक उपग्रह-हमला झेलने के बाद, फिर उछलकर धावा बोला।

यांग ज़िज़ांग की आँखें फैल गईं।

लहरों-जैसी धार वाली एक काली पतली तलवार, फ़र्र से कंकाल के शरीर से बाहर निकली!

तेज़ी से आती तलवार को महसूस कर, झाओ युन ने फुर्ती से दायाँ हाथ उठाकर लाल भ्रामक लपट दिखाई, और तलवार का वार रोका।

[मैं विफलता रद्द करता हूँ 50N.]

पच्च! ख़ून उछला।

तलवार की छाया पल भर में काँपी; एक सेकंड से भी कम में तलवार की धार कई बार चली; झाओ युन का दायाँ बाज़ू आवाज़ के साथ ज़मीन पर गिर पड़ा!

[मैं विफलता रद्द करता हूँ 50N!]

जीत-हार तय?

चार चरण स्वर्गीय दल के सदस्यों के सुपर निवेश के ज़रिए यह दृश्य देखने वाले अनगिनत लोगों के दिल में यही ख़याल आया।

«तुम लोग हार चुके हो, दोनों।» चेंग युनज़े ने कहा।

«हार?» क़दम रत्ती भर न हिला ल्यू बू ने तिरस्कार से हँसा।

पल भर में, झाओ युन के पूरे शरीर की आभा अचानक दमनकारी हो गई, मानो कुछ जागने वाला हो।

«दरअसल यांग ज़िज़ांग ही हमारा प्रतिद्वंद्वी है।» चेंग युनज़े ने इत्मीनान से दो क़दम आगे बढ़कर कहा, «हम यहाँ क्यों लड़ें?»

ल्यू बू ने खड़े अडिग प्रकाश-कंकाल की ओर देखा।

«एक मामूली यांग ज़िज़ांग, तुम्हें रोकने लायक़ भी है?»

«दानव-वीर स्तरीय प्रतियोगिता नगर के लिए आवेदन के केंद्रकों में से छह हमारे शहर के एक नए आदमी ने, 11 नंबर शहर में, यांग ज़िज़ांग के पास से हज़ार-जन-स्तरीय इच्छा-ताबीज़ ख़र्च करके लाए थे। बस इतना ही कहना था।»

तो यही थी चेंग युनज़े के मौक़े का फ़ायदा उठाकर दुश्मन को ख़त्म न करने की वजह; अनगिनत लोगों ने सोचा — चेंग युनज़े इस प्रबल शत्रु को मार सकने जैसे दिखते मौक़े को छोड़कर भी, यांग ज़िज़ांग के लिए एक मुश्किल प्रतिद्वंद्वी छोड़ जाना चाहता था।

ल्यू बू की गहरे कुँए-सी शांत आँखों में आख़िरकार ज़रा-सी विचित्र चमक आई।

यांग ज़िज़ांग को अचानक सब समझ आ गया। उसे आख़िरकार पता चल गया कि होंग हाओचेंग कैसे भाग निकला था — इच्छा-ताबीज़ से। और वह भी हज़ार-जन-स्तरीय।

तो, क्या हज़ार-जन-स्तरीय को रक्त-वंश प्रतिमा या अनुनाद प्रतिमा के सामने सक्रिय करने की ज़रूरत नहीं होती?

……

चाँदी-सफ़ेद 23वें शहर में।

सब जगह शोर मच गया।

कोई यक़ीन नहीं कर पा रहा था, कोई ख़ुशी से पागल हुआ जा रहा था — दानव-वीर भवन के आवेदन के छह केंद्रक, इसी शहर के एक नए आदमी ने, यांग ज़िज़ांग के हाथ से हासिल किए थे!

अनगिनत जल्दी उठे लाल मॉडल वालों को यह ख़बर अचानक मिलते ही, फ़ौरन कई महीने पहले, टापू पर पल भर को दिखे उस जवान चेहरे की याद आ गई।

वह मानो एक सूरज था, जिसने सबकी शान को रोशन कर दिया।

और अब उन्हें मालूम हुआ, उस आदमी ने 11 नंबर शहर में, ऐसा अविश्वसनीय कारनामा भी कर डाला था! वह था «देव-युद्ध» में भाग ले चुके एक नए दिग्गज के हाथ से पूरे छह केंद्रक छीन लेने का महाकार्य!

अनगिनत लाल रेखाएँ शहर में लहरों-सी खिसक रही थीं।

एक साफ़-सुथरी बेकार इमारत में, होंग हाओचेंग ने अपनी छाती के छल्ले को चमकते-बुझते देखा…

पास का चुई रोंग बोर होकर आग कुरेद रहा था। तीनों में बस चुई रोंग ही था जो दानव-वीर स्तरीय परीक्षा में शामिल नहीं हुआ; उसके लिए, आख़िर में जाकर इनाम बटोर लेना अच्छा था, न हो तो जान बचाना सबसे ज़रूरी।

«अध्यक्ष, वह यांग ज़िज़ांग सचमुच इतना ख़तरनाक है? चेंग युनज़े भी इतना डरता है?»

होंग हाओचेंग ने अपनी आदत के उलट उसकी बात का जवाब नहीं दिया; मानो सूचनाओं में डूबा हो।

{काश अपने रिश्तेदारों को फिर ज़िंदा कर पाता, लेकिन मुझमें उन्हें लाने की ताक़त नहीं…}

{सफ़ेद मॉडल वाले तो सारे दानव-वीर भवन में घुस गए।}

{हम लाल मॉडल वालों में अंदर कौन हो सकता है? मैंने तो बस दो-तीन लोग देखे…}

{सब बाहर हैं।}

{11 नंबर शहर में केंद्रक छीनने वाला वह दिग्गज ज़रूर दानव-वीर भवन में होगा, पता नहीं चेंग युनज़े के पास वह है या नहीं…}

चुई रोंग ने आह भरी, फिर आग कुरेदी, और अचानक सिर उठाकर होंग हाओचेंग के लगातार बदलते चेहरे की ओर देखा।

«होंग भाई, क्या हुआ?»

{काश वह आदमी होता।}

«मैं…» होंग हाओचेंग के दोनों हाथ हवा में पकड़ते और छोड़ते रहे।

{किसे पड़ी है बोझ बनने वाले बेकार लोगों की…}

कई बार हवा पकड़ने के बाद, होंग हाओचेंग ने अचानक मुट्ठी भींच ली, और शूफ़ेइ की सबसे पसंदीदा प्यारी आँखें फाड़कर, ग़ुस्से से दहाड़ा:

«कुछ भी नहीं है, लेकिन तुम्हारे पास मैं हूँ!»

छाती से तिकोनी मुड़ी रेखा अचानक ज़ोर से फैल गई।

«बाप होंग हाओचेंग ही वह आदमी है जिसे तुम ढूँढ़ रहे हो!»

उसने हाथ बग़ल में झटका, और सम-विषम तलवार फ़र्र से ज़मीन से उछलकर युवक की हथेली में आ गई। होंग हाओचेंग तलवार उठाकर दरवाज़े की ओर चला; पुतलियों में मटियाले पीले रंग का हल्का छल्ला चमका; उसने सिर घुमाकर चुई रोंग की ओर देखा।

«दानव-वीर भवन को मेरी ज़रूरत है, दोपहर का खाना मेरे लिए मत बनाना।»

सर्र! दरवाज़ा मरोड़कर निकली यह आकृति पल भर में दसियों मीटर पार कर गई; फुर्तीले तेंदुए-सी टूटी-फूटी सीढ़ियों, घास में पड़े बेकार साइनबोर्ड, पुराने सीमेंट के खंभों पर कूदती-फाँदती, दूर ज़बरदस्त दानवी शक्ति बिखेरती इमारत की ओर दौड़ पड़ी।

{अंदर आने को तैयार लोग, मेरे साथ आओ!}

आस-पास दसियों किलोमीटर के सब लाल मॉडल वालों ने, हैरानी से इस मानसिक कड़ी के ज़रिए, किसी सिरफिरे-से लगते युवक की छवि महसूस की।

लाल सूरज धीरे-धीरे क्षितिज पर उग रहा था।

शहर के दानव-वीर स्तरीय प्रतियोगिता नगर से एक लाल मुड़ी रेखा फैली।

{लाल मॉडल वाले भाइयो, यह वही है जिसने तुम्हारे हित के लिए, हमारे चार चरण स्वर्गीय दल में शामिल होने से इनकार कर दिया। यह है होंग हाओचेंग।}

उसे पल भर में फूटती यह तेज़-तर्रार छवि देख, सब अब तक देख-परख कर रहे लोग पल भर में सन्न रह गए।

«सचमुच वही है?»

«सचमुच वही है!»

{वह हमारा आदमी है, उसका नाम होंग क्या है?}

{कुछ भी हो, उसने अकेले टापू की गहराई में घुसने की हिम्मत की, 11 नंबर शहर में घुसकर मेट्रो दल के हाथ से चीज़ छीनने की हिम्मत की, चार चरण स्वर्गीय दल का न्योता ठुकराने की हिम्मत की! वही है हमारा सरदार!}

{भाइयो, सोना छोड़ो! उठो और हाओचेंग साथी का हौसला बढ़ाओ!}

{दौड़ो!}

{दानव-वीर भवन की ओर!}

……

आँखें मूँदे «मृत्यु प्रस्तावना» महसूस करता यांग ज़िज़ांग, धीरे-धीरे आँखें खोलीं।

सुबह की गंध बंजर ज़मीन पर फैल रही थी; दानव-वीर भवन का भ्रामक दृश्य दाएँ-बाएँ खिसक-सरक रहा था; बस एक चीज़ न बदली — अंदर पालथी मारे बैठा आदमी, और दोनों जगहों पर एक साथ भरी यह ठंडी सुबह की रोशनी।

बदलता दृश्य ठिठक गया।

सामने ज़रा धुँधली-सी छाया-आकृति खड़ी थी, कितनी परिचित।

उस आदमी ने सटीक कटाई वाली सन-काले रंग की ऊनी कोट पहन रखी थी; बाल मध्यम लंबाई के ज़रा घुँघराले, कंधे चौड़े और भरे हुए। क्लासिक ट्राउज़र के नीचे, बहुत साफ़ पॉलिश किए भूरे चमड़े के जूते थे।

यांग ज़िज़ांग धीरे-धीरे उठ खड़ा हुआ।

«तुम यहाँ क्यों आ गए।»

उसने इस अपने से भी रत्ती भर ऊँची आकृति को देखा; इन्हीं हाथों ने अपनी बाँह थामी थी, कहा था मत गिरो; अपने को प्रतिमा थमाई थी, बताया था इस दुनिया में हम एक टीम हैं; और संत की छोड़ी मानसिक सागर में, साथ लंबा समय गुज़ारा, आदिम समाज को नई सभ्यता की मदद दी, हज़ारों साल चलने वाली युद्ध-कला परंपरा छोड़ी।

«मो… ली…»

यांग ज़िज़ांग की आँखों की नसें फटकर लाल हो गईं; इस बार जो मृत्यु प्रस्तावना उसने भाँपी, वह मो ली की थी!

«तुम क्यों आए!»

धूसर कौआ साहब के शब्द अब भी कानों में गूँज रहे थे — जितने तुमसे जुड़े लोग होते हैं, उतनी ही आसानी से तुम उन्हें भाँप लेते हो।

वह बौखलाकर चिल्लाया:

«जल्दी वापस लौट जाओ! इस कीचड़ में क्यों कूद पड़े!»

—— «जूलिया, आख़िरकार मैंने तुम्हें पा लिया।»

मो ली ने अपनी अख़बारवाले की टोपी कस ली, गले का दुपट्टा ऊपर खींचा, और दानव-वीर भवन के सामने उमड़ती भीड़ में घुलकर, लहर के साथ आगे बढ़ गया।

दानव-वीर भवन का दृश्य-कोण धीरे-धीरे क़रीब आता गया।

यांग ज़िज़ांग मो ली की छाया के पीछे-पीछे चला, और अपनी आँखों से उसे दानव-वीर भवन के गलियारे में क़दम रखते देखा।

—— {तुम पुनरवलोकन राक्षस गलियारे में क़दम रख चुके हो।}

धनुषाकार गलियारे के सामने, मो ली ने सिर घुमाकर पीछे के सूरज को देखा, और फिर मुड़कर टोपी की किनारी खींचते हुए, एक दानव-दंत कक्ष के सामने खुले पानी के पर्दे के द्वार की ओर चल दिया।

लॉस्ट इलूज़न कंपनी, दानव-वीर भवन विशेष कार्रवाई दल का मुख्य सभा-कक्ष।

बोबोली उठकर पागलों-सा सभा-कक्ष के दरवाज़े से बाहर भागा, हुआन बाओ एर के दफ़्तर की ओर दौड़ा।

«प्रतिमा नहीं है, सदस्य नहीं हटा सकता…»

यांग ज़िज़ांग मो ली की सदस्यता ख़त्म करना चाहता था, लेकिन प्रतिमा इस तरफ़ नहीं थी।

और अगर प्रतिमा हाथ में भी होती, अब हटाने का कोई फ़ायदा नहीं। क्योंकि दानव-वीर भवन के प्रकट होते ही, सबके नाम तय हो चुके थे।

«धूसर कौआ, धूसर कौआ गुरुवर!» धूसर कौआ के बनाए मानसिक शरीर में यांग ज़िज़ांग चारों ओर चिल्लाया!

कोई जवाब नहीं।

«अभी एक दिन और दस-बारह घंटे बाक़ी हैं! आह!»

यांग ज़िज़ांग घबराकर चक्कर काट रहा था; मो ली सिर झुकाए लगातार आगे बढ़ती आकृति, एक क़दम भी नहीं रुकी।

—— «भाइयो, क्या तुम लोग अब दानव-वीर भवन में घुसने का इरादा कर रहे हो।»

यह परिचित आवाज़ आई।

—— «हाँ, क्या काम है?»

—— «मैं पेशेवर Chronos निवेशक हूँ, मुझे अपने दल में शामिल कर लो।»

यांग ज़िज़ांग के दिमाग़ में तूफ़ान-सा सोच-विचार चल रहा था।

«कोई रास्ता नहीं, मैं बेबस हूँ, बस इंतज़ार, बस!»

वह बस दुआ कर सकता था कि मो ली के साथ अपने ख़ास रिश्ते की वजह से, अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी का समय लंबा हो, और अपना वक़्त पर पहुँच सके!

लेकिन, क्या डेढ़ दिन तक टिकेगा!

«प्लीज़, बस इस बार निकल गया, तो तुम सुरक्षित हो जाओगे! क्यों बाहर आ गए आआआ!»

यांग ज़िज़ांग ने पहले ही तय कर लिया था, बिल्कुल, चाहे जो हो, इस बार के दानव-वीर भवन में «प्रभाव-पुनरुत्थान» हासिल करके, मो ली की छवि दर्ज करेगा!

लेकिन ठीक ऐसे वक़्त पर!

ठीक अपने ही बनाए प्रतियोगिता नगर में!

ठीक अपनी ही पहले से अनुभूति में, उसकी मृत्यु प्रस्तावना भाँप ली!

«धूसर कौआ गुरुवर!»

अपने पास शायद एक और प्रकाश-चमक है!

अगर ग़लती न हो, आवृत्ति हानि क्षेत्र को बचाने की कार्रवाई में भाग लेने से, शायद… हो सकता है… एक और «वीर-समूह प्रकाश-चमक» पैदा हुई हो!

उसने मुट्ठी भींच ली।

«प्रकाश-चमक!»

अपने पास है भी या नहीं? शायद नहीं… नहीं है!

«क्यों ठीक इसी वक़्त चले गए… क्या एक बार फिर मेरे लिए निवेश कर सकते हैं…»

आख़िर है कि नहीं…

हो भी तो मौक़ा नहीं।