अध्याय 31 : Chronos तुम्हारे साथ

केबिन का माहौल इतना अजीब था कि झांग म्याओ डरते-डरते केबिन की दरार से बाहर निकला और ऊपरी हिस्से पर जा बैठा।

समय धीरे-धीरे बीतता गया।

नीले पानी को देखता झांग म्याओ प्रार्थना करता रहा।

प्रार्थना कि किनारे से आने वाले लोग धीमे पड़ें, और प्रार्थना कि विमान के अंदर जला हुआ वह व्यक्ति जीवित रहे…

प्रार्थना कि अगर वह जागे, तो पागल होकर उसे मार न डाले।

«आह, मैंने आखिर कौन-सा पाप किया है।» विमान की छत पर बैठे झांग म्याओ ने बुदबुदाया।

अब पछताने का भी कोई रास्ता नहीं था।

……

मो ली उठा और अपनी कमर व गर्दन को हिलाया। पिछले एक-दो घंटों में जो कुछ बताया, वह सब अपने गिरजाघर के भीतर की बातें थीं, बोलते-बोलते गला सूख गया था।

«वह कैसा दिखता था?» बोबोली ने चाय बनाई और बैठकर उत्सुकता से ऊपर देखते हुए पूछा।

«हम्म… काफ़ी हैंडसम। जब श्याओचेंग मुझसे मिलने मंदिर आया था, तब और पहली बार देखने में कोई फ़र्क नहीं था। आधे-लंबे बाल, स्पष्ट चेहरे की बनावट, आँखों में चमक, त्वचा भी अच्छी। एकदम ऊर्जावान नौजवान लगता था।»

……

दो घंटे पलक झपकते बीत गए। भूखे पेट झांग म्याओ को जब कुछ सूझ नहीं रहा था, तभी तैरता विमान धीरे-धीरे पानी में डूबने लगा।

«आह! डूबने लगा?» झांग म्याओ घबरा गया, «अब क्या करें!»

«डरने की ज़रूरत नहीं!»

झांग म्याओ ने मुड़कर देखा। हिलती लहरों की पृष्ठभूमि में, एक पुरानी चादर लपेटे गंजा आदमी उसके पीछे खड़ा था।

उस जले हुए आदमी का चेहरा और पूरा शरीर, मानो दीवार की उखड़ती पुताई की तरह फटा हुआ था, और काली त्वचा के नीचे लाल नई त्वचा दिख रही थी।

«तुम्हारी तो… इतनी ज़बरदस्त पुनर्प्राप्ति क्षमता है!»

झांग म्याओ ने होंग हाओचेंग की दाहिनी बांह को देखा। वह पहले जैसी धुंधली ऊर्जा की भुजा नहीं थी, बल्कि सफ़ेद-गुलाबी असली बांह थी।

बहुत डरावना है, आगे जाकर इसका मुक़ाबला कौन करेगा!

इस पल, झांग म्याओ को अचानक लगा कि उसने कोई बड़ा इनाम जीत लिया, दांव सही लगा!

«ठीक-ठाक है।» होंग हाओचेंग ने दांत दिखाए, «अपनी पैंट उतारो।»

«क्या?» झांग म्याओ सन्न रहकर एक क़दम पीछे हटा।

«कहा न कि मेरे साथ आना चाहते हो, तो अभी अपनी सदस्यता भेंट चढ़ाओ! मुझे अपनी पैंट दे दो।»

झांग म्याओ ने सामने वाले के पुराने कंबल के नीचे से झांकती नंगी टांगों को देखा।

«मैं, उह, ठीक है।»

दोपहर की ढलती धूप में, कच्छा पहने झांग म्याओ ने जैसे ही अपनी पुरानी जीन्स उतारी, धब्बेदार त्वचा वाली बांह ने झपटकर उसे खींच लिया और टांगों पर चढ़ा लिया, फिर पुरानी चादर झांग म्याओ की तरफ़ फेंक दी।

«यह लपेट लो, शर्मिंदा मत होना।» इतना कहते हुए, उस जली काली त्वचा वाले आदमी ने बड़े सफ़ेद दांत दिखाए।

……

«ज़िज़ांग भाई को बचाने के अलावा, होंग हाओचेंग ने और कुछ किया?»

«हम्म…»

«अच्छा, नहीं बताना तो मत बताओ। नहीं बताया तो रहने दो।»

बोबोली ने ‘च्छ’ किया, उठकर एक काग़ज़ निकाला और हाथ पोंछे। वह अभी बैठक से उठकर अपने कमरे में जाने ही वाला था कि अचानक कुछ याद आया।

घुंघराले बालों वाले लड़के ने मुड़कर कहा:

«हाँ, उस बंदे की क्षमता क्या है, तुम्हें तो पता होगा न?»

«यह…» मो ली ने सिर खुजाया, «यह तो मुझे सचमुच नहीं पता।»

«तुम लोग हज़ारों साल साथ रहे, किया क्या!»

«हर युग के लोगों को यांग ज़िज़ांग की तारीफ़ सुनाई।»

……

होंग हाओचेंग ने इस दुनिया के बारे में ढेरों सवाल दागे, लेकिन झांग म्याओ ने एक ही बात में सब टाल दिया।

«किनारे वाले तुम्हें पकड़ना चाहते हैं, हमें जल्दी भागना चाहिए।»

सिर्फ़ जीन्स पहने, ऊपरी शरीर पर सुदृढ़ मांसपेशियां दिखाता होंग हाओचेंग अपना गंजा सिर सहलाते हुए नीले पानी की दूसरी ओर देखने लगा।

«समुद्र के उस पार क्या है?»

«पहली बात, यह समुद्र नहीं है। दूसरी बात, उस पार दैत्य हैं।»

«दैत्य?! यह जगह आख़िर है कहाँ!»

झांग म्याओ ने सिर हिलाया: «अफ़सोस, सब कहते हैं कि हम एक अजीब शहर में फंस गए हैं।»

«शहर?»

दुनिया के बारे में थोड़ा समझाने के बाद, झांग म्याओ उठा, चादर लपेटे कमर पर हाथ रख नीले पानी की ओर देखते हुए बोला:

«उधर एक और शहर का टुकड़ा है जो यहाँ गिरकर द्वीप बन गया है। जब ‘शहर रैंकिंग’ एक निश्चित स्तर तक पहुँचती है, तो उस शहर का एक टुकड़ा इनाम के रूप में मिलता है।»

दोनों ने उधर देखा।

«वह द्वीप बना शहर का टुकड़ा, ‘नंबर 11 शहर’ कहलाता है।»

होंग हाओचेंग ने एक गहरी सांस छोड़ी।

तभी, विमान हिला, और उसका अगला हिस्सा धीरे-धीरे पानी की ओर झुका।

होंग हाओचेंग ने अपने पैरों के नीचे की विशाल चीज़ को देखा। इन्क्यूबस विमान की सतह पर कुछ शल्क-कवच की आकृतियां उभर आई थीं, लेकिन अंततः पूरी तरह नहीं निकलीं।

दरअसल आधे घंटे पहले ही ये शल्क बढ़ना बंद हो गए थे, और साथ की भयावह आभा भी काफ़ी घट गई थी, उसकी जगह हल्की सड़ांध आने लगी थी।

«सुनाई नहीं दे रहा…» होंग हाओचेंग ने बुदबुदाया।

आख़िरी इस झटके के बाद ही, उसकी छाती का वृत्ताकार छल्ला धीरे-धीरे ठोस हुआ।

गहरा लाल छल्ला, मानो टिमटिमाती आग से ढला हुआ लाल अंगूठी-सा पिघला हुआ था, अब ठंडा होने लगा और रंग एकसमान हो गया। रोशनी उसमें सरकी और एक पल के लिए एक त्रिभुज की रूपरेखा चमका गई।

होंग हाओचेंग ने कहा: «इतनी जल्दी नहीं डूबेगा, मैं अंदर जाकर कुछ ले आता हूँ।»

«मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ।»

दोनों विमान की छत की दरार से अंदर कूद पड़े।

बदला हुआ इन्क्यूबस विमान असली विमान जैसा ही था, बस केबिन एक ही बचा था, बाहर निकलते ही कॉकपिट का दरवाज़ा था, लेकिन अब वह दरवाज़ा सिर्फ़ एक धोखा भर था।

झांग म्याओ ने दरवाज़े की धुंधली कांच की खिड़की से देखा, केबिन में खून की धुंध झील के पानी से मिलकर अस्त-व्यस्त हो गई थी।

«इन्क्यूबस की धड़कन और आवाज़ क्यों सुनाई नहीं दे रही?»

झांग म्याओ ने इस कुछ अलग आभा वाले सहज इन्क्यूबस को देखते हुए कहा।

«क्योंकि वह मर चुका है, सफलतापूर्वक अंकुरित नहीं हो पाया।»

«क्या?» झांग म्याओ ने होंग हाओचेंग के भावशून्य चेहरे की ओर देखा।

«उसने आख़िर में जो उड़ान भरी, वह मुझे बचाने के लिए जुटाई गई अंतिम शक्ति थी, ठीक वैसे ही जैसे चूज़ा अंडे से पूरी तरह निकलने से पहले ही बाहर कूद पड़े। किनारे से इतनी दूर गिर पाया, यही बहुत था।»

«होंग भाई, माफ़ करना। उस वक़्त पिछला कप्तान अपनी ही ज़िद पर अड़ा था।»

«कोई बात नहीं, भाग्य की यही मर्ज़ी थी।»

होंग हाओचेंग आगे आया, उसने झांग म्याओ को हटाया, आँखें बंद कर दरवाज़े पर हाथ रखा।

{……}

[मैं तुम्हारा प्रक्षेप पथ देख सकता हूँ।]

होंग हाओचेंग इन्क्यूबस विमान की आवाज़ एक बार फिर सुनना चाहता था, भले ही वह एक राक्षस था, फिर भी वह उसे बचाने वाला राक्षस था।

{……}

[तैंतालीस दशमलव तीन किलोमीटर, यही तुम्हारे जीवन की पूरी लंबाई है।]

होंग हाओचेंग ने नाक से गहरी सांस छोड़ी, «तुमसे ही शुरुआत करता हूँ।»

होंग हाओचेंग के पीछे खड़े झांग म्याओ के मन में सामने वाले का Moxel घूम रहा था, अफ़सोस यह सिर्फ़ त्रिभुज था, अगर सहज इन्क्यूबस पर हमला न हुआ होता, तो शायद सामने वाला चतुर्भुज Moxel वाला होता।

«सचमुच बदक़िस्मती की हद है।» झांग म्याओ ने मन ही मन होंग हाओचेंग के लिए कहा। लाल Moxel से सहज इन्क्यूबस खो देना, बहुत दुखद बात है।

वह जटिल भावों से उस युवक की पीठ को देखता रहा।

इस आदमी की आत्मा खाने की क्षमता शायद ख़त्म हो गई होगी… अब यह बंदा केवल अपने शरीर के बल पर लड़ेगा।

जब झांग म्याओ बेतरतीब ख़यालों में डूबा था, तभी अचानक उसे एक गहरी और रहस्यमयी आभा धीरे-धीरे इस स्थान में भरती महसूस हुई…

मानो कोई यात्रा से थका हुआ व्यक्ति, दूर से नया मौसम लेकर आया हो।

«हूँ?»

झांग म्याओ ने हैरानी से चारों ओर देखा, फिर उसकी नज़र कांच पर दिख रहे युवक के प्रतिबिंब पर टिक गई।

होंग हाओचेंग के दिल में एक अजीब-सी आवाज़ गूंजी।

[मेरी सारी ‘रक्त-वंशावली’ ‘Chronos’ में समाहित होना तय है।]

[Chronos तुम्हें नया अधिकार देगा।]

कांच के प्रतिबिंब में, धब्बेदार त्वचा वाले युवक ने धीरे-धीरे अपनी कांपती, बार-बार बंद और खुलती आँखें खोलीं।

एक हल्की पीली-भूरी आभा-वलय युवक की पुतलियों के चारों ओर उभरी।

झांग म्याओ ने हैरत से उस पुतली में चमकती हल्की रोशनी को देखा।

«वह क्या है?»

एक भारी गूंज हुई, झांग म्याओ अनजाने में एक क़दम पीछे हट गया, उसने देखा कि विमान की एक और छाया धीरे-धीरे चारों ओर से विस्थापित होकर उभर रही थी।

[आत्मा-यात्री प्रथम वलय, जीवन-श्वास के चिह्न।]

होंग हाओचेंग का हाथ इस कांच को पार कर गया, मानो कोई जादूगर हो, उसने भीतर से मांस-रक्त से लिपटी धातु का एक छोटा टुकड़ा निकाल लिया। उसने उस चीज़ को पकड़कर, सामने की दीवार पर चित्र बनाना शुरू किया।

वह बहुत धीरे बना रहा था।

मानो हर मिलीमीटर की दूरी पर उसे अपार मानसिक और शारीरिक शक्ति लगानी पड़ रही हो।

झांग म्याओ ने यह दृश्य देखा, उसके दिल पर एक अजीब-सा दबाव छा गया। फिर उसने देखा, उस ‘धातु की कलम’ के नीचे ऊर्जा का प्रक्षेप पथ उभर आया।

[मेरे पास 1,000,000:1 पैमाना प्रक्षेप पथ 243,000 किलोमीटर है।] (नोट 1)

«यह… उस बुरी औरत के साथ आसमान में उड़ने का प्रक्षेप पथ है।»

[मेरे पास 1:1 पैमाना प्रक्षेप पथ 12,723,210,000 किलोमीटर है।]

«यह… उस बुरी बीवी के साथ ज़मीन और समुद्र में यात्रा का प्रक्षेप पथ है… और उसके अकेले तय किए रास्ते…»

[मैं 10,000:1 पैमाने पर लक्ष्य के जीवन प्रक्षेप पथ का चित्रण करूंगा।]

«तो यही कारण था कि तुमने मुझे चुना? क्योंकि ‘चित्रण रक्त-वंशावली’ निगलने वाला मैं, दूसरे प्राणियों के पूरे जीवन का तय किया रास्ता दर्ज कर सकता हूँ।»

होंग हाओचेंग की कलम आगे बढ़ती रही, हर सेंटीमीटर पर संख्या लाखों तेज़ी से घटती गई!

बस दो-तीन सेंटीमीटर में ही, उसे चक्कर और आँखों के आगे अंधेरा महसूस हुआ।

«मैं उनके तय किए रास्तों का चित्रण करता हूँ, उनकी जगह आगे चलता हूँ…»

छाती का गहरा लाल छल्ला चमका।

हालांकि मुश्किल था, लेकिन उसकी कलम नहीं रुकी।

[मैं स्थान खोलता हूँ, इकाई स्थान।]

पट! मानो मानसिक रूप से कुछ टूटकर बाहर निकल आया।

————

नोट 1: अधिकतर मामलों में, पैमाना “1:n” के रूप में होता है, जिसमें “1” आगे रखा जाता है और नक़्शे की एक इकाई लंबाई को दर्शाता है। कहानी की ज़रूरत के अनुसार, यहाँ सामान्य मानक का पालन नहीं किया गया।