«बहुत पहले, किसी ग्रह पर एक बहुत दिनों से लापता यात्री अचानक लौटा, और एक फल लाया। उसने राजा को चेतावनी दी, इसे मत खाना।»
«फिर क्या हुआ।» होंग हाओचेंग ने उत्सुकता से कहा।
स्ट्रॉ से सरसराहट की आवाज़ आई, मेज़ के पार कंधों पर मुलायम बाल लटकाए औरत ने हल्के से पाँव हिलाए।
«लोग जिज्ञासु होते हैं न, बाक़ी की कहानी ख़ुद सोच लो।»
«अरे, कहानी तो पूरी सुनाओ, थोड़ी नैतिकता रखो।»
मेज़ के पार की ख़ूबसूरत औरत ने ग़ुस्साए नौजवान को शरारत भरी नज़र से देखा, «इतने बड़े हो कर भी कहानियाँ सुनना पसंद है। तो बताओ आगे क्या हुआ?»
«तो राजा ने खा लिया?»
«हुँ।»
होंग हाओचेंग ने सिर झुका कर पूछा, «तुम मुझे क्या बताना चाहती हो।»
औरत की नज़र बग़ल के विज्ञापन से हट कर होंग हाओचेंग पर आई।
«ऐसी बहुत सी कहानियाँ लगातार घट रही हैं। जैसे 1785 में, लुई सोलहवें ने एक काउंट को उनकी नौसेना के साथ दुनिया का चक्कर लगाने भेजा, उसके बाद से कोई ख़बर नहीं आई। हालाँकि दो सदियों बाद, सोलोमन द्वीप के पास उनके जहाज़ों का मलबा मिला, लेकिन इंसानी कंकालों का कोई निशान नहीं था।»
«ओह, हाँ… यह तो ग़लत है, इसमें फल नहीं है।»
«मेरा मतलब, उस यात्री की कहानी जैसी। फल तो बस प्रतीक है! असली कहानी तो यह, यात्री तो लौटा ही नहीं।»
औरत ने हाथ की दूध वाली चाय आगे बढ़ाई, स्ट्रॉ लड़के के मुँह के पास रखा।
होंग हाओचेंग ने नफ़रत से मुँह घुमा लिया।
उसने चाय वापस ली, स्ट्रॉ चबाते हुए बोली :
«सत्रहवीं सदी की शुरुआत में, टॉमसन नाम का एक नौजवान न्यू इंग्लैंड की संसद से ज़मीन का एक टुकड़ा ले कर, फिर पूरा परिवार वहाँ बसने लगा, बस तीन-चार साल बाद, वह अचानक वह ज़मीन छोड़ कर एक द्वीप पर चला गया, उसके बाद किसी ने उन्हें नहीं देखा।»
«शायद कहीं और चले गए होंगे।»
«हो सकता है, पूरा परिवार, ऐसी जगह चला गया जहाँ उनकी मौसी, भाई, और उनके पारिवारिक डॉक्टर और कर अधिकारी तक न ढूँढ पाए, कितना सामान्य है न।»
होंग हाओचेंग ने नाराज़ हो कर हाथ से ठुड्डी थामी : «तुम मुझ पर तंज़ कर रही हो।»
«मेरे शौहर कितने होशियार हैं।»
«फ़िल्म भी देख ली, अब कहाँ जाना है?»
«मैं तो तुम्हारी सुनूँगी।»
«अरे, मैं तुम लोगों का बंधक हूँ,» होंग हाओचेंग एक झटके से उठ खड़ा हुआ, «‘तुम्हारी सुनूँगी’ का क्या मतलब? मुझे यह भी नहीं पता यह भुतहा जगह कहाँ है, कौन-सी चिड़िया बोली बोलते हैं, एक बकवास फ़िल्म देखी जिसके सबटाइटल तक नहीं थे, और तुम कहती हो मेरी सुनोगी!»
आस-पास शॉपिंग सेंटर से गुज़रते लोग हैरानी से मुड़ कर यहाँ देखने लगे, वे अपनी समझ से बाहर की भाषा बोल रहे थे, इंडोनेशिया के आस-पास की बोली जैसी।
औरत मुस्करा कर नौजवान की तरफ़ देखने लगी :
«शादी-शुदा लोग हो, बड़ों जैसा बर्ताव करो, यूँ ही बीवी पर मत चिल्लाया करो।»
«तुम्हारा शौहर कौन है, मैंने तुम्हारा हाथ तक नहीं पकड़ा, बदबूदार औरत। मैं पुलिस बुलाऊँगा!»
«बुला लो।» औरत ने हाथ का फ़ोन मेज़ पर रख दिया। फ़ोन लुढ़कता हुआ गया। औरत ने पास की दुकान के नोटिस बोर्ड की तरफ़ उँगली उठाई, उस पर शिकायत का नंबर था।
«फ़ोन का पासवर्ड तुम्हारी जन्मतिथि है।»
होंग हाओचेंग की आँखें चमकीं, एक झटके से मेज़ से फ़ोन छीना, नंबर मिलाने लगा।
«हेल्प, SOS!»
कॉल लगते ही, वह दौड़ कर दुकानदार को फ़ोन थमा आया।
«SOS, Me! वील ओ वील ओ~»
थोड़ी देर में शॉपिंग सेंटर के बाहर लाल-नीली रोशनी चमकाती दो गश्ती गाड़ियाँ आ खड़ी हुईं। सचमुच वर्दी वाले कुछ लोग आए, प्रशासनिक और पुलिस दोनों तरह के।
होंग हाओचेंग तनाव से भरा आगे बढ़ा, फिर हैरान रह गया जब पुलिस कप्तान की टोपी पहने फ़ेंग जुगुआन पीछे की गाड़ी से उतरा, उसकी वर्दी ज़ाहिर तौर पर ज़्यादा ऊँचे दर्जे की थी।
«श्याओचेंग, तुमने पुलिस बुलाई?» फ़ेंग जुगुआन ने कुछ पुलिस वालों से घिरे होंग हाओचेंग से बेतकल्लुफ़ी से कहा।
फ़ोन थामे होंग हाओचेंग स्तब्ध हो कर चाय की दुकान के बाहर छोटी मेज़ पर बैठी, अपनी तरफ़ मुस्करा कर देखती औरत को ताकता रहा।
उसकी उँगली काँपती हुई औरत की तरफ़ उठी।
यह महिला भी आगे बढ़ी : «मेरे छोटे पति ने कहा आस-पास घूमना है। ठीक है, तुम्हारी गाड़ी में ही बैठ जाते हैं।»
«मैंने नहीं कहा!»
«फ़ेंग भैया, हमें इधर-उधर घुमा कर दुनिया दिखा दो। और, आगे हम दुनिया की सैर जारी रखने वाले हैं। पनडुब्बी के अलावा, हमें हवाई जहाज़, जहाज़, यॉट दिलवा दो, हाँ~ गाड़ी तो कहना ही क्या, और दो बंदूक़ें भी।»
«मैं सब इंतज़ाम कर दूँगा।»
नौजवान स्तब्ध हो कर उन्हें वापस जाते देखता रहा, इस औरत का कोमल हाथ उसके हाथ पर आया, मुस्करा कर हल्के से फ़ोन खींच लिया।
«दो दिन बाद महीने का आख़िर है, हम असली हनीमून शुरू करें।»
«तुम यह शैतान!»
……
……
{ख़ुशबूदार नरम।}
यांग ज़िज़ांग नरम बिस्तर में लेटा था, दिल में हल्की-सी, तीखी लेकिन मीठी बातचीत की आवाज़ आ रही थी।
{ख़ुशबूदार नरम बड़ा बिस्तर, आराम।}
{अंदर लिलीया है।}
{और श्याओचिंगचिंग भी।}
नौजवान ने महसूस किया कि रज़ाई के नीचे कुछ हिल रहा है, हल्का सिरदर्द लिए आँखें खोल कर देखा, एक नन्ही परी रज़ाई के नीचे धागे खींच कर खेल रही थी।
यांग ज़िज़ांग को ताकते देख, उसने सिर उठा कर पलकें झपकाईं, फिर धागे खींचने लगी।
«तुम हो? श्याओज्वाईज्वाई।»
{आख़िर जागे, कोई तुम्हें ढूँढ रहा था, तो हम आ गए।}
बिस्तर के पास शीशे के सामने कुर्सी की पीठ पर, लिलीया अचानक यांग ज़िज़ांग की छाती की रज़ाई पर आ गई।
{ख़त देने आए।} रज़ाई के नीचे लेंगलेंग ने एक लाइन जोड़ी।
«कौन ढूँढ रहा है मुझे?»
यांग ज़िज़ांग ने हैरानी से देखा, कमरे में दो और नन्हें जीव शीशा देख रहे थे।
उसे रात की बातें याद आईं, फिर तनाव से गोद को टटोला, अदृश्यता क्षमता की गेंद ग़ायब थी! यह देख कर यांग ज़िज़ांग लगभग उछल पड़ा।
लिलीया को जैसे पता था कि यांग ज़िज़ांग को किस बात की चिंता है, उसने मक्खी की टाँग जैसी क़लम की नोक लहरा कर कहा :
{तुम्हारे कप्तान ने कहा, अदृश्यता सीखने वाला फल वह ले गया है, सुरक्षित रखा है।}
«फल?» यांग ज़िज़ांग ने नन्ही परी को देखा। अगर मो ली ने सँभाल कर रखा है, तो कोई दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए।
उसने सिर उठा कर हुँकारी भरी : «कल रात तुममें से कौन था?»
{श्याओस्वानस्वान सो रही है, कह रही थी नाटक का खेल बहुत मज़ेदार था।}
यांग ज़िज़ांग के माथे पर काली लकीरें आ गईं। फिर उसे ख़याल आया, ये नन्हें जीव उसे ढूँढने आए हैं, तो ज़रूर «खोया माया-जाल कंपनी» के लिए!
आख़िर आ ही गया!
यांग ज़िज़ांग ने नाक सिकोड़ी। तब उसने इस पत्थर के कमरे को देखा, हल्की ख़ुशबू फैली थी, बिस्तर के पास शृंगार-दान भी था, ज़ाहिर है किसी महिला का शयनकक्ष था।
«यह… कहाँ है?»
ग़ौर करने से पहले ही, फूलों की ख़ुशबू से भरे शयनकक्ष में अचानक एक रोशनी चमकी, हवा में ऊर्जा जम कर धुँधली-सी बदली बन गई, अंदर रोशनी की इकट्ठी रेखाएँ चमक रही थीं।
एक भारी-भरकम गंभीर आवाज़ गूँजी :
«नमस्ते, यांग ज़िज़ांग साहब। हम खोया माया-जाल कंपनी, तारा-माया-जाल हैं।»
बादल-धुँध के अंदर बारीक करंट काँप रहा था, रगड़ से रेडियो जैसी आवाज़ निकल रही थी।
«चूँकि उम्मीदवार यांग ज़िज़ांग ने फ़्रीक्वेंसी-कट क्षेत्र की आपदा साफ़ करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है,【तारा-माया-जाल】विशेष रूप से आपको हमारी कंपनी में कर्मचारी के रूप में शामिल होने का न्योता देने आया है।»
«तारा-माया-जाल? क्या और भी माया-जाल कंपनियाँ हैं?»
«जी हाँ। अलग-अलग खोया माया-जाल कंपनियाँ, अलग-अलग मामलों की ज़िम्मेदार हैं। हमारी कंपनी मुख्य रूप से उसकी ज़िम्मेदार है जिसमें आपकी रुचि है, मासिक प्रतिच्छेदन दृश्यों का निर्माण और प्रक्षेपण।»
बिस्तर पर लेटा नौजवान सोचने लगा।
यांग ज़िज़ांग को नहीं पता था कि «पुरानी दुनिया साहित्य पुस्तकालय» किस खोया माया-जाल कंपनी में है, शायद तथाकथित «स्वतंत्र प्रगति ब्रिगेड» को भी इसकी ज़्यादा ख़ुफ़िया जानकारी नहीं थी।
या फिर, हर खोया माया-जाल कंपनी में अपना साहित्य पुस्तकालय है?
«हमारी कंपनी खाना-रहना मुफ़्त, अच्छा वेतन देती है।» धुँध के गोले में घिसाई की आवाज़ जारी रही, «अगर आप शामिल हुए, तो एक ‘आवृत्ति-उत्थान’ उपकरण पा सकते हैं।»
यांग ज़िज़ांग ठिठका, वह एक झटके से रज़ाई से उठ बैठा।
चर-चर।
उठती रज़ाई पर, धागा खिंच कर एक लंबी लाइन बन गया, रज़ाई के अंदर की सिलाई की तरफ़ का जोड़ खुल कर एक छेद बन गया।
धागा खींचने वाली नन्ही परी लड़के का चेहरा अचानक बदल गया, पिछली बार बिजली गिरने की शांति का नामोनिशान न था।
{देर हो रही है, श्वाईश्वाईक्यांग जा रहा है।}
नन्हे जीव ने ख़ुद-ब-ख़ुद बुदबुदाया और सर्र से खिड़की से बाहर निकल गया।
यांग ज़िज़ांग ने उसे देखा, फिर उस बादल-धुँध की तरफ़ आकर्षित हो गया।
«तुम्हारी कंपनी में शामिल हो कर, कभी भी इस्तीफ़ा दे सकता हूँ?» उसने पुष्टि की।
पुस्तिका की जानकारी पर, यांग ज़िज़ांग अब पूरी तरह यक़ीन नहीं कर सकता था, पता नहीं कितने पुरानी ख़ुफ़िया जानकारी थी। पहले लगभग उस पर भरोसा करने की वजह से, उस श्याओ अफ़सर की एक उँगली से लगभग दब कर मरते-मरते बचा था।
«हाँ। अफ़सर ने अधिकृत कर दिया है, जब आप हमारी कंपनी में शामिल हो कर योगदान देंगे, तो विशेष इनाम【मॉडल उत्थान-रेखा उपकरण】एक प्राप्त कर सकते हैं।»
अब समझ आया कि फ़ौरन नहीं मिलता, यांग ज़िज़ांग थोड़ा निराश हुआ।
कुछ छोटी चमकती गेंदें चली गईं, धुँध भी ग़ायब हो गई, एक प्रवेश-पत्र उसमें से गिर कर उसके सामने आया।
【खोया माया-जाल कंपनी, तारा-माया-जाल विशेष आमंत्रण पत्र।】
【आमंत्रित व्यक्ति : उम्मीदवार यांग ज़िज़ांग।】
यांग ज़िज़ांग ने यह आमंत्रण पत्र उठाया, उस पर इस्तेमाल की उलटी गिनती दिख रही थी : 4.0359R।
[मैं जानता हूँ, प्रवेश करना है तो सौ घंटों के भीतर बड़ा सितारा मुझे कंपनी के स्थान पर ले जाएगा।]
खट-खट-खट।
दरवाज़े पर कुछ बार दस्तक हुई, बाहर से कोमल आवाज़ आई : «ज़िज़ांग साहब जाग गए, मैंने आपको बात करते सुना, मैं अंदर आ रही हूँ।»
«अभी जागा, कृपया आइए।»
यांग ज़िज़ांग ने मुड़ कर देखा, शयनकक्ष का दरवाज़ा खुला, शू ऐयुआन की छवि प्रकट हुई। उसके पीछे गर्दन निकाले एक लड़की खड़ी थी, वही जो उस वक़्त संपर्क कर रही थी।
«अभी भी तबीयत ठीक नहीं?»
«रोज़ क्वीन को, हाँ, ऐयुआन जी को मेरी बदसूरत हालत दिख गई।»
यांग ज़िज़ांग ने हाथ से सिली इस रज़ाई को देखा, बहुत दिनों बाद इतनी घरेलू जगह पर आराम मिला था।
इस पल उसे गर्माहट महसूस हुई।
यह हालत देख कर, बाहर की लड़की ने होंठ फुलाए : «क्या घूर रहे हो। हमारी रोज़ दीदी तो भवन में रात भर सोई भी नहीं।»
अपने कपड़े अभी भी शरीर पर थे, यांग ज़िज़ांग ने मिली-जुली भावनाओं से आह भरी, रज़ाई का कोना उठा कर बिस्तर से उतरने को हुआ, धागा खुला हुआ हिस्सा फट कर फैल गया, रूई और चादर के बीच हवा भर गई।
तीनों एक साथ ठिठक गए।
दरवाज़े पर खड़ी लड़की ग़ुस्से से बोली : «सोते वक़्त रज़ाई क्यों खींचते हो, यह तो रोज़ दीदी ने अपने हाथ से सिली है।»
«हैं?»
यांग ज़िज़ांग ने चारों ओर देखा, छोटी चमकती गेंदें कब की ग़ायब थीं।
«यह… अगर मैं कहूँ छोटे रिपोर्टर ने किया तो मानोगे?»
«……»
«ज़िज़ांग साहब मज़ाक़ कर रहे हैं।»