यांग ज़िज़ांग की पीठ के पीछे पागलों की तरह घूमता ब्लैक होल प्रकट हुआ, वह ग़ुस्से में था लेकिन हिल नहीं सकता था :
«क्या, तुम किसी और को मॉडल बदलवा कर, फिर उसके शरीर को… काटने का इरादा रखते हो!»
पट्टी और ज़्यादा अदृश्य बनाना चाहता था!
तीस-चालीस लोग शोर से चीख़ पड़े। इस पल, पट्टी डॉक्टर का आतंक सबके मन में मूर्त हो उठा।
{क्या यह अच्छा तरीक़ा नहीं है?}
पट्टी डॉक्टर ने सिर उठा कर मुस्कराते हुए कहा :
{इस तरह, यांग ज़िज़ांग। बस मेरी सर्जरी स्वीकार करो, तुम्हारे पास दो मॉडल हो जाएँगे। बस एक कमी है, आगे से दूसरा चेहरा लगा कर जीना पड़ेगा। तो, कोई अच्छा-ख़ासा हैंडसम… जवान ढूँढ लो, हाँ, लड़की भी चलेगी।}
सबकी खोपड़ी सुन्न हो कर पीछे हट गई।
कुछ को तो बस डर और दहशत महसूस हुई, और कुछ को लगा कि सामने वाला इंसान ही नहीं, सामने वाला पागल एक बेरहम अपराधी है!
लेकिन, जब भवन में कुछ सेकंड ख़ामोशी छाई, तो कुछ लोगों को अचानक लगा… शायद मना भी न करें।
«मैं क्या सोच रहा हूँ…»
वे पागलों की तरह दिल में उठे इस ख़याल को दबाना चाहते थे।
लेकिन… कुछ लोगों को लगा पूरी छाती घुटन, प्यास और बेचैनी से भर गई है, मना करना नामुमकिन है।
उन्होंने बेसाख़्ता सिर घुमा कर यांग ज़िज़ांग को देखा, निगाहों में चाहत झलक रही थी।
«तुम यह हैवान!»
यांग ज़िज़ांग की आँखों में बस ग़ुस्सा और पागलपन था।
{सबके हाथ गंदे हैं, नाटक करने की क्या ज़रूरत।}
चाकू फिर सरका, पट्टियों से उभरी मानव-आकृति ने चारों ओर देखा।
{मेरा सब्र कम है, तुम में से कौन मुझे क्षमता की गेंद देगा, मैं यह वादा पूरा करूँगा। मेरी मौजूदा सर्जरी की सफलता दर से, तुम सबको दूसरा मॉडल क्षमता पाने का बड़ा मौक़ा मिल सकता है।}
«किसकी हिम्मत!»
मो ली और बोबोली ग़ुस्से से दहाड़े।
वांग गोंगज़ी और चिन कप्तान वग़ैरह ने भी आँखें फाड़ कर चारों ओर देखा।
लेकिन ये सब A-श्रेणी के प्रतिच्छेदन क्षेत्र को स्थिर रखने वाले लोग थे, इतना बड़ा प्रलोभन सामने हो तो कुछ खोखली पहचान से कौन डरता।
«माफ़ करना, सज्जनों, दुनिया बदल चुकी है।» एक आदमी आगे बढ़ा, न्यायोचित दिखने की कोशिश करते हुए बोला : «ज़िज़ांग साहब, बड़ी शर्मिंदगी की बात है। लेकिन आपने पहले कहा था न, जब हम मुसीबत में हों, आप हर मुमकिन कोशिश करके हमारी मदद करेंगे…»
«बूढ़े झोऊ! वापस आओ!» एक छोटी टीम का आदमी चिल्लाया।
झोऊ ने चारों ओर देखा, हालाँकि कुछ की आँखों से आग बरस रही थी, लेकिन कोई सचमुच उसे रोकने नहीं आया।
«ज़िज़ांग साहब, बस हमारी यह इच्छा पूरी कर दीजिए! अदृश्यता क्षमता किसी अनजान को देने के बजाय, हमें… बाँट… बाँट…»
दुबला-पतला लंबा आदमी कई बार काँपा, आख़िर चिल्ला ही पड़ा : «…बाँट लेने दीजिए!»
«बूढ़े झोऊ तुमने तो!»
«तुम, यह कमीने, सचमुच ऐसा सोचते हो!»
भीड़ उबलते पानी की तरह फट पड़ी, कोई डाँट रहा था, कोई चारों ओर देख रहा था।
यांग ज़िज़ांग अवाक् हो कर नीचे अभी-अभी साथ शराब पीने वालों को देखता रहा।
«यांग ज़िज़ांग, हो सकता है हम अदृश्यता का तोड़ ढूँढ लें, जैसे तुम्हारी धूप-गोली ने माया-जाल का तोड़ किया, है न?»
«तुम ये हैवानों, ज़रा सुनो तुम ख़ुद क्या कह रहे हो!» भीड़ में से एक चिल्लाया।
«तुम नेक हो, तुम महान हो, तो यांग ज़िज़ांग से कहो रोज़ क्वीन को बचाए। शू ऐयुआन सिर्फ़ ख़ूबसूरत नहीं, अनगिनत लड़कियों की रक्षक भी हैं, ऐसी इंसान को न बचाना, एक अदृश्यता क्षमता की गेंद बचाना है?»
«तुम बचाना चाहते हो या अदृश्यता मॉडल पाना चाहते हो!»
«मुझे दोनों चाहिए, बोल!»
धम-धम! दो लोग भिड़ गए।
लेकिन किसी ने उनकी परवाह नहीं की, सब अपने आस-पास की उथल-पुथल से बचने और यांग ज़िज़ांग की ऊँचाई और कोण का हिसाब लगाने में लगे थे।
«बस करो!» यांग ज़िज़ांग ने काँपते हाथ से क्षमता की गेंद उठाई, दाँत पीस कर बोला : «पट्टी, मैं अपनी आँखों से देखना चाहता हूँ कि तुम यह मॉडल इस्तेमाल करते हो!»
बस «Chronos स्थानांतरण» क्षमता की गेंद इस्तेमाल करने से, पट्टी के शरीर का दूसरा Chronos मॉडल बदल जाएगा।
कम से कम अदृश्यता क्षमता, एक विकृत काटने की क्षमता को ग़ायब कर देगी।
शू ऐयुआन ने ऊपर तैरती बड़ी चादर के किनारे खड़े आदमी को देखा, आँखों में लहरें उठने लगीं।
पट्टी डॉक्टर ने तारीफ़ की :
{हुँह, अच्छा, तो अपनी क्षमता की गेंद नीचे फेंको।}
मो ली दाँत भींच कर मुट्ठियाँ बाँधे सिर उठाए देखता रहा, बोबोली «आह» कर के चिल्लाया, दोनों जानते थे यह नहीं करना चाहिए, लेकिन अब कोई चारा न था।
«रुको…»
जैसे ही यांग ज़िज़ांग क्षमता की गेंद फेंकने को हुआ, ताकि पट्टी के मॉडल बदलने के अंतराल में हमला कर सके, शू ऐयुआन की कोमल आवाज़ अचानक गूँजी।
«तुमने एक ग़लती की, पट्टी साहब।»
सबकी निगाहें बंधक बनाई गई औरत पर गईं।
शू ऐयुआन ने मुक्ति पाने जैसी नज़र से कहा :
«असली गुलाब, कभी किसी को तोड़ने नहीं देता।»
शू ऐयुआन की छाती पर लाल मॉडल का घेरा चमका, उसने गर्दन हिलाई, शरीर तेज़ी से बूढ़ा होने लगा और एक झटके में गर्दन में पहले से धँसे चाकू की धार पर टकरा गई।
«अफ़सोस मैं, ख़ूबसूरती से इस दुनिया को अलविदा नहीं कह सकती…»
यांग ज़िज़ांग को अचानक दिल में दर्द भरी चीर महसूस हुई।
«नहीं!»
आस-पास के कुछ लोग घबरा कर दौड़े।
[प्रक्षेप-पथ नियंत्रण!]
[ग्रिड दमन, नियंत्रण क्षमता विफल।]
धमनी से चाकू की धार टकराई, उसी पल पूरे भवन के गुलाब एक साथ मुरझा गए।
शू ऐयुआन ने अचानक ख़ून से रंगे होंठ मोड़े, बँधी दाहिनी छोटी उँगली हल्की काँपी, «यही मौक़ा है… बरबाद मत करो…» बूढ़ी हो चुकी औरत ने कमज़ोर आवाज़ में कहा।
उसके कॉलर से एक अधूरा चटकीला गुलाब अचानक फैला, पास की पट्टीदार आकृति को ढक लिया, उसके तने के नुकीले काँटे बढ़ती बेलों की तरह पंखुड़ियों में घुस गए।
[उल्टे-काँटे गुलाब!]
{तुम इतनी हद तक जाने को तैयार थीं…}
«आह!»
भवन के ऊपर हवा धमाके से गूँजी।
आस-पास की कई आकृतियाँ अब और परवाह न करते हुए ग़ुस्से से झपटीं।
{सचमुच मज़ेदार संघर्ष है।}
चुप! सर्जिकल चाकू पूरी तरह शू ऐयुआन के गले में धँस गया, उसकी नज़र अवाक् हो कर अपने शरीर को लपेटती पट्टियों को देखती रही। मुस्कराती निगाहें बेहोश होती ख़ुद को देख रही थीं।
सचमुच विकृत है…
उसने महसूस किया कि ठंडा सर्जिकल चाकू रक्त-वाहिकाओं में शून्य हो गया…
दूर होती आवाज़… चेतना धीरे-धीरे धुँधली…
—यांग ज़िज़ांग… सफल… हुए… क्या…
शू ऐयुआन का आख़िरी ख़याल, सुनहरी-लाल रोशनी की एक किरण थी जिसने पल भर में पास की पट्टीदार मानव-आकृति को भेद दिया।
……
धम! भाले ने पट्टी डॉक्टर को भेदा, पीछे की चट्टानी ज़मीन में घुसा, अनगिनत टुकड़े उड़ा दिए।
यांग ज़िज़ांग पागलों की तरह दौड़ा, शू ऐयुआन के गिरते शरीर को बाँहों में भर लिया। साथ ही ज़मीन पर गिरीं पट्टियों के टुकड़े भी।
अंदर सचमुच पट्टी डॉक्टर की शक्ल नहीं थी।
यांग ज़िज़ांग की उँगलियाँ शू ऐयुआन को पकड़े काँप रही थीं, आँखें सुर्ख़।
{तुम्हें वह पसंद है?}
पट्टी की आवाज़ अचानक फिर गूँजी।
यांग ज़िज़ांग ने अचानक सिर उठा कर चारों ओर देखा, लेकिन वह शख़्स नहीं दिखा।
«वह अभी मरा नहीं!»
«यह हैवान कहाँ है!»
«हैवान तो तुम ख़ुद हो, कुत्ते, अभी हथियार उठा कर किसे काटना चाहता था?»
«जो भी हो, झगड़ा तो हो ही गया, पट्टी डॉक्टर, तुम कहाँ हो, मैं अदृश्यता मॉडल हासिल करने में तुम्हारी मदद करने को तैयार हूँ!»
यह आदमी बोलते ही, धम से एक हथेली के वार से चार टुकड़े हो गया।
वह स्वादिष्ट भोजन-गृह का बावर्ची गंभीर चेहरा लिए ख़ून की धुँध से बाहर निकला, उसका मज़बूत शरीर दबाव भरा लग रहा था।
«जो भी दोबारा यह बात कहेगा, मैं उसे क़ब्र तक नहीं पहुँचने दूँगा!»
आस-पास के दो लोग आँखें फाड़ कर हमला करने को हुए, मो ली और बोबोली फ़ौरन आगे आ गए। सफ़ेद छाया मानसिक ड्रैगन ने अचानक शरीर घुमाया, बाघ-भेड़िए जैसा विशाल डरावना सिर उठा कर बग़ावत की नीयत रखने वालों को घूरा।
यांग ज़िज़ांग की आवाज़ यमदूत जैसी भारी थी : «देखता हूँ किसकी हिम्मत है।»
भीड़ में जिन्होंने बग़ावत की नीयत ज़ाहिर की थी, यांग ज़िज़ांग की धमकी से हिल नहीं पा रहे थे,
तभी सर्र-सर्र-सर्र!
लाल चमक में लिपटे कई सर्जिकल चाकू भीड़ की तरफ़ दागे गए, यांग ज़िज़ांग ने नियंत्रण क्षमता से उनका प्रक्षेप-पथ बदलना चाहा, लेकिन पहले की तरह नाकाम रहा।
«अब भी ग्रिड दमन!»
ज़ाहिर है अपनी नियंत्रण ग्रिड हज़ार तक बढ़ा ली थी, क्या «शांत-स्थली» का असर, ग्रिड तक को प्रभावित कर सकता है!
चप-चप! कई आकृतियाँ वहीं सर्जिकल चाकू लगने से दर्द में गिर पड़ीं।
ये चाकू तेज़ी से उनकी त्वचा के नीचे रेंगने लगे, दो सेकंड में ही ये लोग डर से सिर उठाने लगे।
«ज़ि, ज़िज़ांग महादेव… हमारा शरीर, थोड़ा, क़ाबू से बाहर हो रहा है।»
«आह!» एक आदमी डर कर अपना हाथ देखने लगा।
उसने अपनी आँखों से देखा कि उसका हाथ बेक़ाबू हो कर अपनी बाईं आँख की तरफ़ बढ़ रहा है।
चप!
आँख की पुतली निकाल ली गई, फूटे ख़ून की धार आँख के गड्ढे और उँगलियों के बीच से बहने लगी, देखने वाले सहम गए।
«क्या करें, ज़िज़ांग महादेव का मानसिक बल इन्क्यूबस उन सबको भगा नहीं सकता।»
मानसिक गुलाबों की सुरक्षा खोने से, सबका ख़तरा पल भर में बहुत बढ़ गया।
तीस-चालीस लोग लगातार सिमट रहे थे, चारों ओर घूमता सफ़ेद छाया मानसिक ड्रैगन भी बस सबके चारों ओर दौड़ लगाता घूम रहा था, भारी Chronos ख़र्च से पास आती मानसिक पट्टियों को रोकता हुआ।
«उस पागल के पास भी इतना Chronos है!»
बोबोली ने मो ली को लगातार तरह-तरह के नोट और सिक्के बदलते देखा। ढेर सारी चमकीली करेंसी तेज़ी से ख़र्च हो रही थी, ख़त्म होने को थी।
«क्या करें!»
रोज़ क्वीन ने जान दे कर जो मौक़ा बनाया था, उससे मारा गया पट्टी डॉक्टर का असली शरीर भी नहीं था, सबमें निराशा छा गई।
तभी, एक दुबला-पतला बदसूरत, कुपोषित भिखारी जैसा आदमी भीड़ से बाहर निकला।
«मैं सुरक्षा करता हूँ।»
तीस-चालीस निगाहें भवन के किनारे काम करने वाले इस रोज़ क्रीक निवासी पर पड़ीं, उसके चेहरे पर शोक था।
«मैं… भी मानसिक क्षमता धारक हूँ। तो मैं, ऐयुआन जी की रक्षा करता हूँ।»