अध्याय 27 : जल्दी वापसी

होंग हाओचेंग ने औरत को अब भी बेहोशी जैसी हालत में अपनी गोद में लेटे देखा।

उसने अपने शरीर को महसूस किया, वह हर वक़्त जवाब देने वाली मानसिक आवाज़ ग़ायब थी, हालाँकि, पूरी तरह मरी नहीं थी। वह आत्मा ऊर्जा अब भी महसूस हो सकती थी, और ज़्यादा साफ़ थी। या यूँ कहें, अपनी अनुभूति ज़्यादा तेज़ हो गई थी।

तो वह सच था?

«धोखेबाज़ औरत, मुझे बेवक़ूफ़ बनाया कि सिर्फ़ अट्ठाईस साल की है, छी।»

होंग हाओचेंग उठा, उसने बिस्तर पर औरत को देखा, मौक़ा पा कर जब वह मुश्किल से गहरी नींद जैसी हालत में थी, सँभल कर छोटा सूटकेस खोला, अंदर की चीज़ें टटोलने लगा।

«मोबाइल? हाँ, देखने की ज़रूरत नहीं।»

एक तरफ़ फेंका, ढूँढा, आसानी से वह चीज़ मिल गई — शादी का प्रमाणपत्र। दोनों प्रतियाँ सचमुच यहीं थीं।

उस दिन ज़बरदस्ती शादी करवा कर साथ फ़ोटो खिंचवाई गई थी, द्वीप पर ही, शादी का प्रमाणपत्र बना कर शू जी ने उसे दिखाया, लेकिन हाथ नहीं लगाने दिया, कहा कि तुम फाड़ दोगे।

फिर दोनों अलग-अलग चले गए, जैसे बस कोई घर-घर का खेल खेला हो।

«इस बार पकड़ लिया न, हेहे, देखता हूँ, तुमने मुझे कितना बदसूरत बनाया।»

खोल कर कुछ पल देखा, होंग हाओचेंग का चेहरा स्तब्ध रह गया।

तस्वीर अपने दोनों की थी, अपना पहचान पत्र नंबर भी सही था, लेकिन… उम्र में, वह उससे दो साल बड़ा था।

«क्यों… तुम वांग शू फ़ेई नहीं हो?»

होंग हाओचेंग का दिल धक-धक करने लगा, उसने औरत के नीचे के नाम को देखा : वांग च्यानई, महिला, 26 वर्ष।

«वांग च्यानई? वह नहीं जिसकी फ़ाइलें पिछली बार टकरा कर गिर गई थीं… और मुझे फ़ोन कर के भाग जाने को कहा था?»

होंग हाओचेंग ने बिस्तर पर औरत के शांत सोते चेहरे को देखा, वह महिला ख़ूबसूरत तो थी, लेकिन शू फ़ेई की तुलना में, उसमें एक सादगी भरी गहराई और दूरगामी आभा की कमी थी, दोनों का अंदाज़ बिल्कुल अलग था।

अचानक, उसे लगा अपना शरीर हिल गया।

—«अलार्म, अलार्म, विमान समुद्री धारा से टकराया, आपातकालीन लैंडिंग।»

—«अलार्म, विमान के इंजन में ख़राबी!»

«क्या?!»

होंग हाओचेंग का चेहरा बदल गया, उसने झट से जल्दी-जल्दी कपड़े पहने, शादी का प्रमाणपत्र हाथ में दबोचा, चादर खींच कर बेहोशी में आँखें खोलती औरत को लपेटा।

«पति, क्या हुआ।»

«विमान हिल रहा है, मुसीबतों का अंत नहीं, उसका एक इंजन भी जल गया।»

उसने पाया कि इतने हिलते विमान में भी वह स्थिर खड़ा रह सका, लगता है अनजाने में ही प्रशिक्षण का नतीजा काफ़ी हद तक आत्मसात हो गया था।

धम! दरवाज़ा तोड़ कर खुला, फ़ेंग जुगुआन ने अंदर के लोगों को देखा, «जल्दी, उसे मुझे दो।»

«मैं पकड़ लूँगा, मेरी संतुलन क्षमता पहले ही…»

«मुझे दो!»

फ़ेंग जुगुआन की इस ज़ोरदार दहाड़ से होंग हाओचेंग ठिठका, फिर आज्ञाकारी से शू जी को फ़ेंग जुगुआन की गोद में दे दिया।

«शादी का प्रमाणपत्र, सूटकेस में है, ले आओ।» औरत ने कहा।

फ़ेंग जुगुआन ने सिर हिलाया, शू फ़ेई को ले कर अंदर जाने लगा, लेकिन होंग हाओचेंग ने रोक दिया। उसने अभी-अभी जेब में डाला एक प्रमाणपत्र निकाल कर उसे दिया।

नौजवान ने कहा : «दूसरा मुझे दो।»

औरत ने एक झटके से सिर घुमाया : «नहीं, मुझे दो, दोनों मुझे दो।»

«क्यों?» होंग हाओचेंग ने अजीब नज़रों से थोड़ी घबराई उसे देखा।

«मैं…»

«तुम अब भी मुझसे क्या छुपा रही हो।»

इस सवाल के साथ, होंग हाओचेंग को धुँधली-धुँधली कुछ याद आने लगी, वह कोई ऐसी धुँधली याद थी जो अपनी नहीं थी।

कल रात औरत की मानसिक शक्ति निगलने से आई, हालाँकि यादों का हस्तांतरण बहुत कम था, लेकिन एक धुँधली टूटी दुनिया की छाप, इस वक़्त चिनगारी की तरह चेतना के सागर से गुज़री, हज़ारों लहरें उठा गई।

नौजवान का चेहरा बदल गया, उसने फ़ेंग जुगुआन की गोद में शू जी को देखा।

«तुम लोग जाओ।»

«तु, तुम्हें पता चल गया?» औरत ने उसके अचानक मुक्त भाव को देखा।

होंग हाओचेंग सामान के फिसलते कमरे में, मज़बूत नाविक की तरह केबिन के दूसरी तरफ़ चला।

«जल्दी जाओ, अगर ग़लत नहीं हूँ, तो और देर करने से मौक़ा नहीं मिलेगा, जाओ।»

फ़ेंग जुगुआन ने हाथ में पकड़ी औरत को देखा, थोड़ा घबरा कर धीमे से बोला : «समय से पहले कैसे हो गया, हम अभी तैयार बेस तक भी नहीं पहुँचे।»

औरत की आँखों में अब पहले जैसी जवानी की चमक नहीं थी।

«शायद यही क़िस्मत है, वे तैयारियाँ अब काम नहीं आएँगी।»

उसने सिर उठा कर आगे नौजवान की पीठ को देखा :

«मेरा असली नाम शू फ़ेई है, वह उपनाम नहीं है, आगे से मुझे भूल जाना।»

अब और सोचने का मौक़ा न पाकर, फ़ेंग जुगुआन ने दाँत भींच कर औरत को गोद में उठाए तेज़ी से पीछे के कमरे के दरवाज़े की तरफ़ दौड़ लगाई, विमान बादलों में झुक कर नीचे गोता लगा रहा था।

अचानक, पीछे मोटे-मोटे बादलों में धुँध अचानक घूमी।

हू-धम!

एक और विशाल हल्के-भूरे रंग का विमान बादलों से दहाड़ता हुआ निकल आया।

—«कॉलिंग BA6278…»

विशाल भूरा विमान आगे बढ़ते महाद्वीप की तरह, अस्थिर BA6278 के ऊपर कस कर चिपका हुआ था। विशाल विमान के किनारे पर कई पंचकोणीय तारों के निशान थे।

उसके पास के बादलों में, दो और लड़ाकू विमान उथले बादलों को चीरते, पूँछ की लकीर छोड़ते इसकी तरफ़ बढ़ रहे थे, उनके किनारों पर चाँद-सितारा और धारियों के निशान थे।

विमानों का झुंड इस बेक़ाबू विमान के साथ स्थिर रहा, ऊपर से कुछ रस्सियाँ गिरीं, स्पेशल फ़ोर्स के जवानों की आकृतियाँ रस्सियों के निचले सिरे तक फिसल कर आईं, लगभग असंभव कारनामे से इस बेक़ाबू विमान के लोगों को तेज़ी से बड़े विमान में स्थानांतरित कर दिया, सिवाय यह सब देखते नौजवान के।

होंग हाओचेंग शांति से खिड़की के बाहर का नज़ारा देखता रहा, उसे इन दिनों औरत द्वारा सुनाई कहानियाँ याद आईं।

उन्नीसवीं सदी, पोलिश खोजकर्ता इवानोव्स्की बंधु, आर्कटिक महासागर में लापता।

अटलांटिक पार अकेले उड़ान भरने वाली पहली महिला पायलट अमेलिया एयरहार्ट, 1937 में विश्व-भ्रमण उड़ान में लापता।

1803, ऑस्ट्रेलियाई खोजकर्ता जॉर्ज बास, दक्षिण अमेरिका के पास नौकायन में ग़ायब…

«तो तुम हर वक़्त, मेरी कहानी कह रही थीं।»

अलग-अलग देशों के और कई विमान बादलों को चीरती तलवारों की तरह, पीछे के बादलों से प्रकट हुए, मानो छुपा हुआ आकाशी बेड़ा अपना रूप दिखा रहा हो।

एक धुँधला-काला तिकोना पंखों वाला विमान लगातार हिलते और गिरते BA6278 के दोनों ओर उड़ता रहा।

ऐसी गर्जना ने होंग हाओचेंग के ख़यालों को तोड़ दिया।

उसने विमान के अंदर की सरसराहट सुनी, एक प्रसारण की आवाज़ विमान के अंदर हर जगह गूँजी।

—«कॉमरेड होंग हाओचेंग।»

कुछ सेकंड बाद।

«हाँ।» होंग हाओचेंग ने रुखाई से जवाब दिया, उसने सिर उठा कर स्पीकर की तरफ़ देखा, «मैं अब भी हूँ।»

—«हम तुम्हारे घर लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं।»

विमान गर्जना के साथ विशाल धरती की तरफ़ गिरता गया।

उसे लगा जैसे सपने में हो, गिरता ही गिरता, कभी ज़मीन पर न पहुँचे, रेडियो तरंगें टूट गईं, बस लगातार बजता शोर रह गया।

होंग हाओचेंग ने खिड़की के बाहर धीरे-धीरे पास आती ज़मीन को देखा, दिल में एक अकथनीय शांति उठी।

—«सर सर सर।»

नौजवान को शू जी की मुस्कान याद आई, उसकी कही बात याद आई, «तुम जहाँ भी जाओ, मैं तुम्हारे दिल में रहना चाहती हूँ।»

उसने आँखें बंद कर लीं, शरीर को विमान के साथ गिरने दिया, दिल में अजीब-सी शांति उभरी, मानो अपनी क़िस्मत में लौट आया हो।

«शुक्रिया।» उसने बुदबुदा कर कहा।

विमान के पंख फट कर जलने लगे, कमरे की चीज़ें सब दीवार के कोने में जा टिकीं, एक अकथनीय आभा पूरे केबिन में फैलने लगी, और तेज़ी से गूढ़, अजीब, और दबाव भरी होती गई।

धक, धक, धक।

हल्की-सी धड़कन की आवाज़ कानों और दिल में गूँजने लगी, मानो दिल पर चलते भारी भूतिया क़दम हों।

यह गिरावट, सोची न जा सकने वाली लंबी ख़ामोशी का समय था, मानो आसमान-ज़मीन की दूरी दस हज़ार गुना खिंच गई हो।

……

«‘खोया माया-जाल कंपनी’ आख़िर कैसी हस्ती है?»

यांग ज़िज़ांग अपने आरामदेह नरम बिस्तर पर लेटा, सिर तकिए पर रखे यह सवाल सोच रहा था।

रात ख़ामोश थी, बस घड़ी की नक़ली हल्की टिक-टिक रात की ख़ामोशी को थपक रही थी।

यहाँ, वह बस तीन-चार घंटे सो कर पूरी तरह तरोताज़ा हो गया, लेकिन अगर इस वक़्त उठने को कहा जाए, तो लंबे समय की आदत सचमुच शरीर को उठ कर कुछ करने पर मजबूर नहीं कर सकती। और उठ भी जाए तो पता नहीं क्या करना है।

बग़ल की दीवार पर लगे समय को देखा।

04:12:28।

बोरियत में, रुई जैसे मुलायम पाजामे में यांग ज़िज़ांग ने तकिए के पास से आधी हथेली के बराबर एक नफ़ीस कार्ड उठाया और उलट-पलट कर देखने लगा। उसके उठाते ही, यह सख़्त कार्ड भी हल्की रोशनी से चमक उठा।

[‘कर्मचारी पहचान पत्र’ के ज़रिए, मैं जानता हूँ, फ़िलहाल मेरी मानसिक बल तीव्रता दो-घेरा आठ-स्तर है।]

«सचमुच पता नहीं यह चीज़ कैसे बनाई जाती है।»

[मैं कर्मचारी कार्ड के डिज़ाइन सिद्धांत जानना चाहता हूँ… यह मेरे सोचने की बात नहीं है।]

कर्मचारी कार्ड से खेलने के बाद, यांग ज़िज़ांग अपने बारे में कुछ जानकारी याद करने लगा।

बस आधे महीने में, उसकी मानसिक बल तीव्रता दो चरण बढ़ गई थी। हालाँकि इसका श्रेय काम की प्रकृति को जाता है, शुरू-शुरू में कंपनी में शामिल होने वालों की तरक़्क़ी तेज़ होती है, लेकिन अपने जैसी तेज़, ग्रुप लीडर ने कहा बहुत कम देखने को मिलती है, कम से कम उसने तो नहीं देखी।

लेकिन कार्ड से खेलते यांग ज़िज़ांग की भौंहें हल्की सिकुड़ गईं।

हालाँकि आरामदेह ज़िंदगी और सुरक्षित ताक़त में बढ़ोतरी, यही असली वजह है कि कुछ लोग यहाँ का वजूद जान कर आना चाहते हैं, लेकिन इसमें ख़ुद शामिल नहीं।

मो ली का ख़तरा अभी टला नहीं; मू श्याओयू भी अभी टाउन में नहीं लाई गई, और बहुत से और काम हैं, जैसे साल के आख़िर की शहर रैंकिंग प्रतियोगिता। और… फ़्रीक्वेंसी-कट क्षेत्र की वह छवि जो दिल को उलझन में डाल देती है।

इस दुनिया में आए थोड़ा ही समय हुआ, लेकिन अपने कई बंधन बन गए हैं।

«जल्दी करनी होगी।»

यांग ज़िज़ांग करवट बदल कर लेट गया।

[मैं सोच रहा हूँ, किताबों की अलमारी आख़िर कहाँ होगी? मैं जल्दी लौटना चाहता हूँ।]

रज़ाई में नौजवान ने सोचा, उस पुस्तिका के ज़रिए चेतना में उतरी खोया माया-जाल कंपनी की जानकारी। फ़्रीक्वेंसी-कट क्षेत्र की उस जानकारी की तुलना में जिसमें कुछ मानसिकता-कट इंजन के फ़ॉर्मूले तक विस्तार से दर्ज थे, यहाँ की जानकारी बहुत कम थी, नाम के अलावा लगभग शून्य।

[मैं सोच रहा हूँ, शुरुआती «स्वतंत्र प्रगति ब्रिगेड» ने आख़िर यहाँ की जानकारी कैसे खोजी होगी?]

[वे लोग बहुत ताक़तवर थे क्या?]

«स्वतंत्र प्रगति ब्रिगेड» का छोड़ा विश्वास-वाक्य याद कर, यांग ज़िज़ांग ने बेसाख़्ता कर्मचारी कार्ड पकड़ी उँगली सीधी कर के, दीवार पर «आगे» शब्द की लकीर खींची, फिर, दो आड़ी और दो खड़ी लकीरें…

उसने जम्हाई ली, उँगली समेटी और सोचा।

[चाँदी और लाल को जोड़ने वाली काली सोना, क्या शायद… उन कुछ अफ़सरों के मॉडल का रंग है?]

अचानक, एक मुड़ी रेखा आई।

{ज़िज़ांग, मैंने देखा तुम्हारा कर्मचारी कार्ड संचार जोड़ सकता है। तो तुम जाग रहे हो?}

यांग ज़िज़ांग हल्का-सा ठिठका, यह लड़की की आवाज़ सीधे दिल में गूँजी, फिर वह ढीला पड़ गया।

«ज्याओमा ग्रुप लीडर भी सोई नहीं?»

{हाँ, मैं तो रोज़ इसी वक़्त उठ जाती हूँ।}

«हुँ… तो फिर।» यांग ज़िज़ांग ने एक झटके से रज़ाई हटा कर बिस्तर छोड़ा, कर्मचारी कार्ड छू कर कहा, «ज्याओमा ग्रुप लीडर, क्या मैं साहित्य कक्ष में जा कर सामग्री देख सकता हूँ?»

{बिल्कुल। मैं तो कब से तुम्हें बुलाना चाहती थी।}

«कब से?»

यांग ज़िज़ांग ने दिल ही दिल «आह» कर के बड़ी आह भरी।

सोचा न था कि जिसे वह दिलो-जान से, छुप-छुपा कर ढूँढ रहा था, वह कथित रहस्यमयी «पुरानी दुनिया साहित्य पुस्तकालय», यहाँ कोई भी जा सकता है। पहले पूछ लेना चाहिए था।

नौजवान के दिल में अचानक «ग़रीबी में हिम्मत नहीं होती» का एहसास उठा।

«तो मैं अभी फ़ुर्सत में हूँ, रास्ता बता सकती हैं?» यांग ज़िज़ांग ने थोड़ी बेचैनी से कहा।

सोचा न था कामयाबी इतनी जल्दी मिल जाएगी।

{बता तो सकती हूँ, मैं तो तुम्हारे साथ चलना भी चाहती हूँ, लेकिन…}

«लेकिन क्या?»

{साहित्य पुस्तकालय में पूरी पुरानी दुनिया का डेटा दर्ज है। अगर उसे पढ़ोगे, तो फिर फ़्रीक्वेंसी-कट क्षेत्र में वापस नहीं जा सकते।}

«क, क्या?» यांग ज़िज़ांग ने पल भर में आँखें फाड़ दीं।

[मैं विलाप कर रहा हूँ।]